“शहरी गरीबी एवं शहरी अभिशासन’’ से संबधित मांगो पर बिलासपुर में राजनितिक दलों को दिया ज्ञापन

लेखक: महेश धनदोले

राजनितिक पार्टीयों का शहरी अभिशासन एवं शहरी गरीबी से संबधित मुद्दे पर ध्यान आकृष्ठ करने एवं उन मुद्दे को पार्टीयो के घोषणापत्रो में शामिल करवाने की दिशा में प्रिया द्वारा देश एवं राज्य के विभिन्न शहरो में चुनाव-पूर्व राजनितिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत प्रिया-रायपुर एवं शिखर युवा मंच के संयुक्त तत्वाधान में ‘‘शहरी अभिशासन एवं शहरी गरीबी’’ विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय परिचर्चा दिनांक 26 फरवरी 2014 को छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर संभाग में किया गया। इस संभाग स्तरीय परिचर्चा में विभिन्न राजनितिक पार्टीयो के घोषणापत्रो में शामिल करवाने हेतु जो मुद्दे मांग के रूप में उभरकर आये वह इसप्रकार है:-
प्रमुख मांगेंः-
1. मोहल्ला सभा जैसी संरचनाओं को मुर्त रुप देना ताकि बस्ती स्तर पर एक सक्रिय संगठन का र्निमाण हो सकें जो बस्ती कि समस्याओं पर चर्चा कर उन समस्याओं पर स्थानीय स्वशासी निकायों का ध्यान आकृष्ट कर सकें एवं उन्हंे विभिन्न विकास एवं आवासीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में समुदायिक सहभागिता के लिए सक्रिय भ्ूुामिका निभा सके ।

2. चयनीत शहरी स्थानीय निकायों में फण्ड फंक्शन और फंक्शनरीज का समयबद्ध तरीके से हस्तांतरण और उनके सामाजिक जवाबदेही हेतु एक उपयुक्त प्रणाली की व्यवस्था करना।

3. शहरी सुधार/भूमि सुधार को व्यवस्थित अधोसंरचना के विकास के लिए सहभागी शहरी योजना, शहरी गरीब के लिए आवास, रोजगार की गारंटी और शहरी गरीब के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा।

4. शहरी विकास मंत्रालय एवं आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय का एकीकरण।

5. किसी भी बस्ती केा यथास्थान स्थापित करना और यदि बस्ती हानिकारक स्थान में बसी हो तो विस्थापन से पूर्व उनके लिऐ पारगमन आवास की सुविधा कराई जाये।

6. यदि किसी बस्ती का एक बार किसी योजना के तहत विस्थापन हो चूका हो तो पुनः विस्थापन ना होना।

7. रेल्वें/वन/शहरी विकास प्राधिकरण आदि-विभागों की भूमि में निवासरत् बस्तियों को विभिन्न आवासीय योजनाओ में शामिल कर शहरी गरीबों को निवासरत् मकानों का मालिकाना हक प्रदान किया जाऐं और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्ध्ता भी कराई जाये।

8. शहर स्तरीय रोजगार गारंटी अधिनियम की मांग एवं वेन्डर/हाॅकर/घरेलु कामगारों आदि को शहर के मध्य में निश्चित स्थान प्रदान किया जाऐं एवं उन्हें केन्द्र द्वारा पहचान पत्र प्रदान किया जाऐं ताकि उनकी पहचान हो सकें।

9. स्लम नीति की मांग एवं स्लम बस्ती/झुग्गी बस्ती/मलीन बस्ती/गन्दी बस्ती के स्थान पर “मेहनतकशों की बस्ती” के नाम से बुलाया जाना चाहीये।

परिचर्चा के उपरांत बिलासपुर संभाग में प्रिया के सहयोगी एवं स्लम के नागरीक उपरोक्त मांगो को संबध में विभिन्न राजनितिक दलों को ज्ञापन सौंप रहे है। इसी कडी में आम आदमी पार्टी के बिलासपुर जिले के जिला सचिव श्री सुनिल चिपडे को ज्ञापन सौंपा गया। श्री सुनिल चिपडे द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया कि, यह ज्ञापन इलेक्शन घोषणा समिति को सौंपा जायेगा, ताकी उन मुद्दो पर घोषणापत्र तैयार करते समय विचार किया जा सके।

‘‘शहरी गरीबी एवं शहरी अभिशासन” के मुद्दे को चुनावी घोषणा पत्र में सम्मिलित करने हेतु ज्ञापन।

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